Thursday, 3 April 2025

Ashtaavakra Mahaageetaa... Chapter one, Shloka number 13....KooTastham boadham adwaitam aatmaanam paribhaavaya....

KooTastham boadham adwaitam aatmaanam paribhaavaya. 
Aabhaso aham bhramam muktawaa bhaavam baahyam ath antaram. 
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जब तक यह जीवात्मा निज स्थूल आत्मामण्डल के, 
 भ्रम में पड़ा हुआ है, मुक्ति न पाएगा इस दलदल से।।
मुक्ति के लिए बाह्अय नहीं अन्तःआभा को जागृत कर,
हो सुदृढ़ अद्वैत आधार निरन्तर, और द्वैत को विस्मृत कर। 

When this life soul is lost in our outside body garb 'n glow. 
How can liberation be, when dual doubt continues to grow? 
For liberation to be, not but inside glow matters. 
Be firm on nonduality, it's practice rebirth shatters. 




Karpoorgauram karuNaavataaram.....

Karpoorgauram, karuNaavataaram, sansaarsaaram, bhujgendrahaaram.
Sadaa  vasantam hridayaarvinde,
Bhavam Bhavaaniisahitam namaami.


गौरवर्ण कर्पूर सा, परम करुणा के अवतार। 
मूल सार संसार के, भुजगेन्द्र गले के हार।
सदा बसन्त है, हृदय कमल में स्थित भव सहित भवानी। 
नमन करें स्वीकार शिव - शिवा,नर नमन करत  अज्ञानी।। 


Camphor like colour, very embodiment of grace. 
Prime source of universe, serpent around neck space. 
Spring all along, seated on lotus flower in my heart. 
I bow before thee Lord Bhaava 'n   Bhavaanii, your consort ! 

Transcreated by Ravi Maun 








Wednesday, 2 April 2025

उदया का जन्म दिन एक कविता हिन्दी में एक कविता अंग्रेज़ी में

बिटिया का जब जन्म हुआ तो मन कितना हर्षाया था।
तब नया-नया पापा बन कर मन फूला नहीं समाया था।
श्यामा का रक्त तो मेरे रक्त से मेल ही नहीं खाता था। 
इसीलिए डर लगता था जब जन्म समय आ जाता था। 
जब प्यारी राजकुमारी सी बच्ची को गोद खिलाया था।
तब नया-नया पापा बन कर मन फूला नहीं समाया था।।

भाषा में महारत हासिल है, कविता में महारत हासिल है।
है ज्ञान सभी सुर-तालों का, साज़ों में महारत हासिल है।
उत्तम रहने की ही धुन गुण, बन जाती है बिटिया अवगुण।
जब इसे ढूढती जन-जन में, बस रख बिटिया इसको मन में। 
फिर सब अपने हो जाएँगे, पूरे सपने हो जाएँगे।।
है जन्मदिवस आशीश यही, कर पाए तू हर काम सही।।
                     रवि मौन