गर दस्त दहद तौबः कुनम यज़दाँ रा
तू फ़ख़्र बदीं कुनी कि मन मय न ख़ुरम
सद कार कुनी कि मय गुलाम अस्त आँ रा
तंज़ न कर पीने वालों पर, अगर न मय पीने वाला
तौबा मैं तो करूँ आज क़ुव्वत दें गर अल्लाह ताला
फ़ख़्र न कर इसका तूने तो कभी शराब नहीं चक्खी
काम सैकड़ों ऐसे करता, है ग़ुलाम जिन की हाला
Don't sneer at drunkards, if you don't drink.
If God gives power, from today I won't drink.
Don't feel proud that you never tasted wine.
Of your hundred deeds, even wine won't think.
.
No comments:
Post a Comment