Tuesday, 11 March 2025

उमर ख़य्याम की रुबाई... मर्द आँ नबूद कि ख़ुल्क़ ख़्वारंद ऊ रा.....

मर्द आँ नबूद कि ख़ुल्क़ ख़्वारंद ऊ रा
वज़  बीमे-बदी  नेक  शूमारन्द  ऊ  रा
रिन्दे   कि  नमूद  रू-ए-दस्ते-ब  करम
रिन्द आँ हमः पुश्त दस्त दारन्द ऊ  रा

मर्द नहीं हैं वो दुनिया में जो बदनाम कहाएँगे
जिनकी बदी से डर कर उनको लोग भला कह जाएँगे 
सबके आगे जिसने अपना हाथ करम को फैलाया
पीने वाले उनको अपना किस दिल से कह पाएँगे


He is not a man who in world gets a bad name. 
Men will say he is good, afraid of his ill fame.
One who has stretched hands for the alms.
How can drunkards call him own in the game? 

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