Tuesday, 25 March 2025

उमर ख़य्याम की रुबाई... बर पा-ए-तू बोसः दादन ऐ शम्अ - ए-तरब....

बर पा-ए-तू बोसः दादन ऐ शम्अ' - ए-तरब
बे  ज़ाँ  बाशद  कि   दीगराँ   रा   बर   लब
दस्ते-मनो-दामने-ख़यालत      हर      रोज़
पा-ए-मन   ओ जुस्तने- विसालत हमः शब

आ ऐ आनन्द दीप ! लें तेरे पाँव का  बोसा
बेहतर है ये, किसी लब का जो लिया बोसा
दामन हो तेरा हाथ में, हर दिन यही ख़याल 
शब भर हैं पाँव खोज में, मिलने का भरोसा 


Merry lamp of music O miss, frolic is your foot kiss.
Surely it feels so  better than anyone else 's lip kiss.
Every day in my thought, your hem in hand is sought. 
My feet whole night miss, search for
 the meeting bliss. 

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