Saturday, 29 March 2025

उमर ख़य्याम की रुबाई... Dar koo-e-niyaaz har dileraa daryaab....


Dar koo-e-niyaaz har dileraa daryaab
Dar koo-e-huzoor makbaleraa daryaab
Sad kaa'bah-e-aabo-gil bayak dil n rasad
Kaaba h chi rabee birou dileraa daryaab 

दर   कू-ए-नियाज़     हर    दिलेरा    दरयाब 
दर      कू-ए-हुज़ूर      मकबलेरा      दरयाब 
सद का'बः-ए-आबो-गिल बयक दिल न रसद
का' बः  चि    रबी    बिरौ    दिलेरा    दरयाब 

कू-ए-नियाज़ में हर एक दिल को तो खोज
हुज़ूर की गलियों में पहले दिल को तो खोज
मिट्टी पानी के सौ का'बे और कहाँ इक दिल 
क्यूँ दौड़े का'बे को बाहर है दिल को तो खोज

In these lanes of worship, search for  heart. 
In His lanes too, first search for the heart. 
Can a hundred soil, water Kaaba match heart? 
Why run for outside Kaaba, search for  heart. 

Transcreated by Ravi Maun. 



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