Thursday, 3 April 2025

Karpoorgauram karuNaavataaram.....

Karpoorgauram, karuNaavataaram, sansaarsaaram, bhujgendrahaaram.
Sadaa  vasantam hridayaarvinde,
Bhavam Bhavaaniisahitam namaami.


गौरवर्ण कर्पूर सा, परम करुणा के अवतार। 
मूल सार संसार के, भुजगेन्द्र गले के हार।
सदा बसन्त है, हृदय कमल में स्थित भव सहित भवानी। 
नमन करें स्वीकार शिव - शिवा,नर नमन करत  अज्ञानी।। 


Camphor like colour, very embodiment of grace. 
Prime source of universe, serpent around neck space. 
Spring all along, seated on lotus flower in my heart. 
I bow before thee Lord Bhaava 'n   Bhavaanii, your consort ! 

Transcreated by Ravi Maun 








Wednesday, 2 April 2025

उदया का जन्म दिन एक कविता हिन्दी में एक कविता अंग्रेज़ी में

बिटिया का जब जन्म हुआ तो मन कितना हर्षाया था।
तब नया-नया पापा बन कर मन फूला नहीं समाया था।
श्यामा का रक्त तो मेरे रक्त से मेल ही नहीं खाता था। 
इसीलिए डर लगता था जब जन्म समय आ जाता था। 
जब प्यारी राजकुमारी सी बच्ची को गोद खिलाया था।
तब नया-नया पापा बन कर मन फूला नहीं समाया था।।

भाषा में महारत हासिल है, कविता में महारत हासिल है।
है ज्ञान सभी सुर-तालों का, साज़ों में महारत हासिल है।
उत्तम रहने की ही धुन गुण, बन जाती है बिटिया अवगुण।
जब इसे ढूढती जन-जन में, बस रख बिटिया इसको मन में। 
फिर सब अपने हो जाएँगे, पूरे सपने हो जाएँगे।।
है जन्मदिवस आशीश यही, कर पाए तू हर काम सही।।
                     रवि मौन         

             

उमर ख़य्याम की रुबाई... Asraar-e-jahaan chunaan ki dar daftar-e-maast....

Asraar-e-jahaan chunaan ki dar daftar-e-maast.
Guftan natawaan jaan ki bawaal-e-sare-maast. 
Choon naist dareen mardame naadaan ahale
Guftan natawaan har aan chi dar khaatire-maast

Umar Khayyam

दुनिया के सारे असरार, दर्ज़ हैं मेरे ज़हन में यार
मेरे सर पर हैं ये बार, किससे करूँ इनका इज़हार
सारे बशरे-जहाँ नादाँ, समझ सकेगा कौन यहाँ 
दिल में होंगे दफ़्न विचार, कर न सकूँगा मैं इज़हार 

All the secrets of universe, 
are imprinted in mind purse. 
This on mind is burden terse, 
with whom here, can I converse? 
Men here aren't wise enough, 
can't talk about these matters tough. 
So what's engraved in mind purse, 
I can't reveal, I can't disperse. 

Transcreated by Ravi Maun. 





Tuesday, 1 April 2025

please see this corrected version उमर ख़य्याम की रुबाई... Daure ki darau aamadano-raftane-maast.

Daure ki darau aamadano-raftane-maast. 
Aane raa na badaayato-nihayat paidaast. 
Kas mii na and dame dariin maa'nee raast . 
Kiin aamadan az kuzaa-o-raftan ba kuzaast. 

जिस दौर में हमारा आना जाना हुआ है। 
क़ाबिले-पैदाइश न ये ठिकाना हुआ है। 
मंशा की गहराई को कोई छू नहीं पाता। 
आए हैं कहाँ से औ' कहाँ जाना हुआ है? 

Our arrival 'n departure is in this time zone. 
Unworthy of our birth, this site is to atone. 
None bothers to understand the depth of purpose. 
Where from is arrival 'n departure of our own?