Wednesday, 2 April 2025

उदया का जन्म दिन एक कविता हिन्दी में एक कविता अंग्रेज़ी में

बिटिया का जब जन्म हुआ तो मन कितना हर्षाया था।
तब नया-नया पापा बन कर मन फूला नहीं समाया था।
श्यामा का रक्त तो मेरे रक्त से मेल ही नहीं खाता था। 
इसीलिए डर लगता था जब जन्म समय आ जाता था। 
जब प्यारी राजकुमारी सी बच्ची को गोद खिलाया था।
तब नया-नया पापा बन कर मन फूला नहीं समाया था।।

भाषा में महारत हासिल है, कविता में महारत हासिल है।
है ज्ञान सभी सुर-तालों का, साज़ों में महारत हासिल है।
उत्तम रहने की ही धुन गुण, बन जाती है बिटिया अवगुण।
जब इसे ढूढती जन-जन में, बस रख बिटिया इसको मन में। 
फिर सब अपने हो जाएँगे, पूरे सपने हो जाएँगे।।
है जन्मदिवस आशीश यही, कर पाए तू हर काम सही।।
                     रवि मौन         

             

1 comment:

  1. कोशिश करूँगी पापा, कविता के लिए बहुत बहुत धन्यवाद😁🙏

    ReplyDelete